10 Moral Stories In Hindi Short With For Kids:--बच्चों के ज्ञान की कहानी।

Moral Stories In Hindi Very Short:- I am sharing 10 Hindi stories full of education to children. These stories will take children on the road to success in their lives. Which will help the children to walk on the path of success.
It is our wish that the children later succeed and do something.

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झूठा तोता (Moral Stories In Hindi Short)


एक बार एक तोता था जो हमेशा झूठ बोलता था वह जहां भी जाता वहां पर हमेशा अपने बारे में बड़ी-बड़ी हाकता था। की उसके पास सब कुछ है उसके पास खजाना है जिससे वह पूरा जंगल खरीद सकता है। और मुझे राजा महाराजा के पास से खाने के लिए बुलावा आता है। वाह सबसे इसी तरह अपने बारे में वाह वाई करता।
पर सभी जानते थे कि यह झूठ बोल रहा है।

एक दिन राजा की यहां से राजा का कबूतर संदेश देने आया तो सब पक्षी उसे देखकर कहने लगे कि तुम बहुत सुंदर पक्षी हो तुम कौन हो कबूतर बोला जी मेरा नाम कबूतर है मैं राजा का संदेश लेकर आया हूं। तभी बड़बोला तोता वहां आया और उसे देख कर कहने लगा कि मेरे पास इतना धन है खजाना छुपा कर रखा है कि मैं पूरा जंगल खरीद सकता हूं।

पर तुम कौन हो कबूतर कुछ बोलने जाता उससे पहले ही तोता अपनी बड़वाई करने लगता। अंतिम में कबूतर ने कहा के बड़बोले तोते तुम्हें राजा ने बुलाया है  तुम्हें राजमहल मैं रहने के लिए। पर मुझे नहीं लगता की तुम्हें वहां ले जाना चाहिए। यह कह कर कबूतर वापस राजमहल चला आया। और राजा को बताया। राजा ने कहा ऐसे तोते का कोई काम नहीं है।

शिक्षा---

1. झूठ मत बोलो
2. बेकार में अपनी बड़वाई मत करो
3. बोलने से पहले सामने वाले की सुनो

दो आलसी (Moral Stories In Hindi Short)


एक राज्य में रमेश और सुरेश नाम के दो लड़के रहते थे। वह बहुत आलसी थे उन्हें काम करना पसंद नहीं था। जब उन्हें कोई काम कहा जाता तो वह सो जाते थे। यह सब देख कर उनकी मां भी बहुत परेशान थी। मां उन्हें कितना भी समझाएं पर वे अपनी आदतों से बाज नहीं आते थे।

एक दिन रमेश और सुरेश एक आम के पेड़ के नीचे आराम कर रहे थे। तभी दोनों के बीच में एक आम गिरा दोनों ने उसे देखा पर किसी ने भी उसे उठाया नहीं क्योंकि उन्हें उठाने में काफी आलस आ रहा था। तभी वहीं से उस राज्य के मंत्री जा रहे थे तो उन्होंने मंत्री जी से कहां हमें आपकी सहायता की जरूरत है।

मंत्री जी बोले--हां कहो कैसी सहायता चाहिए। दोनों ने कहा मंत्री जी मेरे सामने जो आम गिरा है उसे मुझे दे दीजिए। मंत्री जी ने कहा हम तो तुम्हारे सामने हैं ले लो। दोनों ने कहा यही तो प्रॉब्लम है हमें आरस आ रहा है हमसे या नहीं हो पा रहा है।

यह बात सुनकर मंत्री जी बहुत क्रोधित हुए वह तुरंत रमेश और सुरेश के घर गए और उनकी मां से यह सब बातें बताएं। मां जी बोली मंत्री जी मैं भी इनसे परेशान हो गई हूं इन्हें बहुत आलस आता है यह कुछ नहीं करते हैं। मंत्री जी ने कहा अच्छा ठीक है कल ही राजमहल में भेज दे। रमेश सुरेश की मां ने उन्हें अगली सुबह राजमहल में भेज दिया।

वहां दोनों से राजा ने कहा तुम्हारे लायक एक काम है। तुम ज्यादा मेहनत नहीं करते इसलिए तुम्हें पहरेदारी का काम दिया जा रहा है।मंत्री बोले एक बात का ध्यान रखना जहां तुम पहरेदारी करोगे। वहां कीमती सामान है। दोनों पहरेदारी करने लगे लेकिन उन्हें आलस के कारण नींद आ गई और वहां का सामान चोरी हो गया।

जब उनकी नींद खुली तो मंत्री सामने थे। मंत्री ने कहा तुम्हें इस अपराध के लिए दंडित किया जाएगा तो है शेर के पीजड़े में डाल दिया जाएगा। यह कह कर उन्हें राजा के पास ले गया राजा ने जब उनसे पूछा तो वह दोनों रोने लगे और कहने लगे मेरी आलस के कारण यह हुआ है मुझे माफ कर देना अब से हम आलस कभी नहीं करेंगे। राजा ने उन्हें माफ कर दिया और वे दोनों आलस करना छोड़ दिए।

शिक्षा----

1. कभी आलस ना करें
2. आलस करने से अपना ही नुकसान होता है।

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              Disclaimer

India gayan - ऊपर दी गई कहानी का सत्यता से कोई तात्पर्य नहीं है यह सिर्फ बच्चों के लिए मनोरंजन और ज्ञान के लिए बनाया गया है यह किसी सत्य घटना से कोई संबंध नहीं रखता है

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