10 Stories In Hindi With Moral For Class 7 :- ज्ञान की कहानी


Stories in hindi with moral for class 7
: - Here I am sharing 10 stories in Hindi for class 7 which are very valuable and teach your children life success lessons, which help your children understand the world, so I am sharing with you.

मैं बच्चों को शिक्षा से भरी 10 हिंदी कहानियां साझा कर रहा हूं। यह कहानियां बच्चों को अपने जीवन में सफलता की राह पर ले जाएंगी। जिससे बच्चों को सफलता की राह पर चलने में आसानी होगी।
हमारी यही कामना है कि बच्चे आगे चलकर सफल बनकर कुछ कर दिखाएं।

1.  बलवान कौन moral stories in hindi for class 7


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moral stories in hindi for class 7


एक बार की बात है हवा को बहुत घमंड था। एक दिन
हवा और सूरज में बहस लग गई।
हवा कहता की मैं बलवान हूं।

और सूरज कहता मैं बलवान हूं। तभी उधर सुनसान रास्ते से एक आदमी जा रहा था वह मफलर लपेटा था।

दोनों के इस बहस को साबित करने के लिए दोनों के बीच शर्त लगी की जो भी उस आदमी के मफलर को उतार देगा वही बलवान होगा।

सूरज ने पहला मौका हवा को दिया हवा ने उस आदमी का मफलर उतारने के लिए अपनी गति को धीरे धीरे तेज करने लगा।

आदमी को लगा कि उसका मफलर उड़ जाएगा तो उस आदमी ने मफलर को कस के बांध दिया।

यह देखकर हवा को गुस्सा आ गया।
फिर सूरज की बारी आई तो सूरज ने अपनी गर्मी को धीरे धीरे करके बढ़ाने लगा।

तो उस आदमी को पसीना आने लगा तो वह आदमी अपनी जैकेट और मफलर दोनों को उतार दिया।

यह देख कर हवा का घमंड चूर हो गया और हवा को हार का सामना करना पड़ा और सूरज जीत गया।

शिक्षा----
1. कभी अपने पर घमंड मत करो
2. बहस मत करो।

2. भगवान कहां है। Moral Stories in Hindi for Students


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moral stories in hindi for class 7


एक बार एक विकासशील गांव में एक मोहन नाम का आदमी था।

वह अपने परिवार के साथ उस गांव में रहता था।
उसके दो बेटे थे। जिनका नाम राम और श्याम था।

वे बहुत शरारती थे वह दोनों स्कूल में तथा गांव में बहुत शरारत करते थे।

जैसे मास्टर जी के ऊपर नकली छिपकली फेंकना।
छुट्टी से पहले छुट्टी की घंटी बजाना।
तथा गांव वालों को परेशान करना।

एक दिन दोनों गांव में जा रहे थे और सोच रहे थे की किसके साथ आज शरारत करें।

तभी उधर से एक फल बेचने वाला आ रहा था उसे देख कर दोनों एक पेड़ के पीछे छुप गए।

जब फल बेचने वाला नजदीक आया तो दोनों ने पेड़ का लता उसके ऊपर फेंका।

फल वाला उसे सांप समझ कर फल फेंक कर भागने लगा।
कभी उधर से गांव का एक व्यक्ति आया और दोनों को देखकर बोला कि तुम्हारी शरारतें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं।

और वह आदमी गांव के पंच को यह बात बताई तो पंच ने मोहन को बुलाया और कहां तुम्हारे दोनों बच्चों की शरारत काफी बढ़ गई है।

मोहन ने कहा मैं भी इनकी शरारत से परेशान हो गया हूं।
तब पंच ने कहा के पास के गांव में एक ऋषि रहते हैं।
तुम दोनों को उनके पास ले जाओ।

अगले सुबह मोहन दोनों को लेकर ऋषि के पास पहुंचा।
वहां ऋषि ने उन दोनों को काफी समझाया के बच्चों बचपन में शरारते सभी करते हैं।

लेकिन शरारते करना अच्छी बात नहीं होती।
मोहन बाहर दोनों का इंतजार कर रहा था।

बहुत समझाने के बाद ऋषि ने उनसे एक सवाल पूछा
की बताओ भगवान कहां है ?

जब उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया।
तो ऋषि गुस्से से फिर पूछे बताओ भगवान कहां है ?

फिर दो वहां से उठे और भागते हुए अपने पिता के पास पहुंचे।
वहां दोनों ने पिता से कहा के ऋषि महाराज जी का भगवान कहीं खो गए हैं।

और वह हमसे पूछ रहे हैं पर हमें उनके भगवान के बारे में नहीं पता।

दोनों बच्चों की बातें सुनकर मोहन मन ही मन हंसने लगा।
और सोचने लगा कि जब एक छोटे से सवाल से यह दोनों इतने घबराए हैं।

तो मैं कुछ दिन अगर ऋषि महाराज के पास छोड़ दूं।
तो यह सुधर जाएंगे।

मोहन दोनों को फिर ऋषि के पास ले गया और कहां महाराज जब तक यह आपके भगवान का पता नहीं बता देते तब तक यह आपके पास रहेंगे।

मोहन अपने दोनों बेटों को छोड़ कर चला आया।
ऋषि महाराज ने दोनों को आश्रम के सफाई करने में लगा दिया।

दोनों रोज आश्रम की सफाई करते और भगवान कहां है इसके बारे में सोचते थे।

एक दिन ऋषि महाराज प्रवचन में कह रहे थे कि कभी भी दूसरे को दुखी नहीं करना चाहिए कभी भी ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे लोगों को बुरा लगे परेशानी का सामना करना पड़े।

यह सुनकर दोनों लड़कों को अपनी करतूतों से लोगों को कितनी परेशानी होती थी ।

यह सोच कर दोनों मन ही मन पछताने लगे और प्रतिज्ञा की कि अब किसी को परेशान नहीं करेंगे।

फिर एक दिन ऋषि जी के प्रवचन में दोनों ने सुना की भगवान हर जगह हैं हर इंसान के अंदर हैं।

फिर उनकी कही गई बात उन्हीं से जाकर बताएं अब वह दोनों मन ही मन पछता रहे थे।

ऋषि जी ने कहा चलो देर ही सही पर समझ तो आया।
इसके बाद ऋषि जी ने उन्हें ज्ञान की बहुत सारी बातें बताएं।

और उन्हें घर भेज दिया। अब वह दोनों किसी को परेशान नहीं करते और अपने माता-पिता के साथ अच्छे से रहने लगे।

शिक्षा----
1. ऐसा काम नहीं करना चाहिए जिससे दूसरे तकलीफ उठाएं।
2. भगवान हर जगह होता है।


#Moral-Stories-In-Hindi-For-Class-7

                 Disclaimer

India gayan - ऊपर दी गई कहानी का सत्यता से कोई तात्पर्य नहीं है यह सिर्फ बच्चों के लिए मनोरंजन और ज्ञान के लिए बनाया गया है यह किसी सत्य घटना से कोई संबंध नहीं रखता है

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