10 Hindi Moral Stories For Class 8- हिंदी में

Hindi Moral Stories For Class 8:- Here I am sharing Hindi moral stories for moral education for class 8 which is very valuable and teaches your children life lessons, which helps your children understand the world so I am sharing with you.

यहां मैं बच्चों के लिए हिंदी में नैतिक शिक्षा के लिए  कहानी साझा कर रहा हूं जो बहुत ज्ञान से भरी हैं और  बच्चों को जीवन के सबक सिखाते हैं, जो आपके बच्चों को दुनिया समझने में मदद करती हैं इसलिए मैं आपके साथ हिंदी में नैतिक शिक्षा के लिए कहानी साझा कर रहा हूं।


1. किस्मत का खेल Hindi Moral Stories For Class 8


किसी नगर में एक धनी राम नाम का आदमी रहता था।
वह बड़ा व्यापारी होने के कारण बहुत धनी था। धनी होने के साथ वह बहुत दयालु और दानी भी था।

वह अपने नगर के लोगों को उनकी जरूरत की चीजें दान करता था।

इसलिए उसके नगर में काफी इज्जत थी। एक दिन व्यापारी अपनी बेटी की शादी बड़े घराने में करता है।

शादी के कुछ दिन बाद पता चलता है कि उसका दिमाग शराबी और जुआरी है।

उसका दामाद धीरे-धीरे करके सारा धन जुआ में हार जाता है।
अब धनीराम की बेटी और उसका दामाद काफी कष्ट में रहने लगते हैं।

यह सब देख कर धनीराम की पत्नी उससे कहती है। यूं तो आप हर किसी की सहायता करते हो।

हमारी बेटी और दामाद बहुत कष्ट में है आप उनकी सहायता क्यों नहीं करते हैं।

धनीराम कहता है जब उनकी किस्मत चाहेगी तो वह खुशी से रहने लगेंगे।

1 दिन धनीराम को किसी काम से शहर जाना पड़ा।
तब उसकी पत्नी ने सोचा क्यों ना बेटी और दामाद की सहायता की जाए।

यह सोचकर उसकी पत्नी ने बेटी और दामाद को खाने पर बुलाया।

बेटी और दामाद जब शाम को खाने पर आए। तब धनीराम की पत्नी ने उन्हें काफी अच्छे-अच्छे व्यंजन खाने को दिए।

जब वो जाने लगे तो विदाई में धनीराम की पत्नी मोतीचूर के लड्डू में सोने के सिक्के डालकर बनाए थे

वाह दामाद को दे दिए । जब बेटी और दामाद घर जा रहे थे ।
तब दामाद बोला तुम्हारे पिताजी तो इस नगर के काफी धनी व्यक्ति हैं।

और दामाद की विदाई में मोतीचूर के लड्डू दिए।
रास्ते में दमाद को एक मिठाई की दुकान दिखाई दी।

दमाद ने वह मोतीचूर के लड्डू उस मिठाई के दुकानदार को बेच दी।

जब धनीराम उस रास्ते से आ रहा था। तो उसे उसी मिठाई की दुकान पर मोतीचूर के लड्डू दिखाई दिए।

धनीराम को मोतीचूर के लड्डू बहुत पसंद थे इसलिए वह दुकानदार से वह मोतीचूर के लड्डू खरीद लिया।

और घर लेकर आया।
धनीराम की पत्नी उस मोतीचूर के लड्डू को देखकर पहचान गई।

और बोली तो आप कहां से ला रहे हैं। धनीराम बोला पास की दुकान से लिया है।

तब उसकी पत्नी ने उसे सारी बात बताई तब धनीराम ने कहा मैंने कहा था ना सब किस्मत की बात है।

तुम्हारे दिए हुए सोने के सिक्के फिर तुम्हारे पास आ जाए।
क्योंकि यह सोने के सिक्के ना तुम्हारी हो बेटी दामाद के भाग्य में थे ना ही उस दुकानदार के भाग्य में इसलिए यह तुम्हारे पास वापस आ गए।

धनीराम ने कहा जब तक भगवान किसी का भाग्य नहीं जगाता।
तब तक कोई कितना भी प्रयास कर ले कुछ नहीं होता है।

शिक्षा.........
1. समय से पहले कुछ नहीं मिलता।
2. मेहनत करने से भाग्य जरूर चमकता है।

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2. भूत बना बेटा Latest Hindi Moral Stories For Class 8


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एक गांव में राम अवतार नाम का आदमी अपनी पत्नी और अपने बेटे भोलू के साथ रहता था।

उस गांव के जमीदार राम अवतार की सारी जमीन धोखे से हड़प लेता है।

अब रामअवतार के पास खेती के नाम पर उसके घर के सामने का आंगन ही बचता है।

जिसमें वह सब्जियां लगाकर किसी तरह अपने परिवार का खर्चा उठाता है।

राम अवतार और उसकी पत्नी अपने बेटे भोलू से बहुत प्यार करते थे।

एक दिन गांव का एक व्यक्ति आकर रामअवतार से कहता है।
आपका बेटा तालाब में डूब गया है जिससे उसकी मृत्यु हो गई हैं।

यह सुनकर रामावतार और उसकी पत्नी दौड़ते हुए तालाब के पास जाते हैं।

अपने बेटे को जमीन पर पड़ा देखकर जोर जोर से रोने लगते हैं।

गांव वाले उन्हें संभालते हैं पर दोनों का रो रो के बहुत बुरा हाल हो जाता है।

वहीं पेड़ पर बैठा भूत यह सब देखता है। उसे उनकी हालत देखी नहीं जाती है।

वह तुरंत उनके बेटे भोलू के शरीर में उत्तर जाता है।
तो भोलू उठ कर बैठ जाता है।

यह देख कर भोलू के माता-पिता बहुत खुश होते हैं और भोलू को लेकर घर चले जाते हैं।

वहां भोलू के अंदर बैठा भूत उनका प्यार देखकर  बहुत खुश हो जाते हैं

भोलू बोला मुझे मां भूख लगी है। मां बोली रुको मैं तुम्हें खाने के लिए कुछ बनाती हूं।

घर में बनाने के लिए कुछ नहीं था मां परेशान हो गई
तब भोलू बोला मा उसमें जो दाल फ्राई और चावल रखा है वह मुझे खाने को दो।

मां बोली ले देख कहां रखा है । जब मां खोली तो उसमें
दाल फ्राई और चावल था।

यह देखकर मां बोली यह किसने लाया है। राम अवतार बोला हमने तो नहीं लाया है।

तब भोलू बोला पिताजी आपने ही तो लाया था रामअवतार बोला मेरे पास कई दिनों से पैसे ही नहीं है।

तो मैं कैसे लाऊंगा भोलू बोला पिताजी इतने पैसे आपके जेब में है।

यह सब देखकर रामअवतार और उसकी पत्नी हैरान हो गए।
अगली सुबह भोलू जमींदार के पास पहुंचा। भोलू के अंदर जो भूत था।

उसने जमीदार को खूब पीटा उसके बाद जमीदार रामअवतार की जमीन उसे लौटा दी और माफी मांगी।

अब राम अवतार और उसका परिवार पहले की तरह खुशी-खुशी रहने लगे।

शिक्षा.......

1. हमें अच्छे कर्म करने चाहिए
2. हमें किसी के साथ धोखा नहीं करना चाहिए।

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              Disclaimer

India gayan - ऊपर दी गई कहानी का सत्यता से कोई तात्पर्य नहीं है यह सिर्फ बच्चों के लिए मनोरंजन और ज्ञान के लिए बनाया गया है यह किसी सत्य घटना से कोई संबंध नहीं रखता है

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