प्याज की खेती कैसे करें? 2021-22

आज हम जानेंगे कि प्याज की खेती करने के लिए हमें क्या-क्या करना चाहिए।


आज हम जानेंगे की प्याज के गुण और उपयोग तथा प्याज की खेती कैसे होती है उसके लिए जलवायु और भूमि कैसी चाहिए।


तथा सिंचाई कब करनी चाहिए और इसके साथ-साथ रोपाई और खुदाई कब करनी चाहिए यह भी जानेंगे।

प्याज-की-खेती-कैसे-करें
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1. परिचय


प्याज का वैज्ञानिक नाम 'एलियस सेपा' है और इसको अंग्रेजी में ओनियन कहा जाता है। और हमारी सामान्य बोल भाषा में इसे प्याज कहा जाता है।

2. गुण और उपयोग


प्याज का उपयोग औषधि के रूप में भी किया जाता है इसलिए इसकी खेती 5000 वर्षों से होती आ रही है।

गंधक युक्त योगिक पाए जाते हैं इसीलिए प्याज में गंध और तीखापन होता है।


इसका उपयोग निम्न जगह पर होता है।


1. मसाला के रूप में
2. आयुर्वेदिक औषधि के रूप में
3. भोजन को स्वादिष्ट बनाने के लिए
4. सलाद बनाने में
5. विटामिन सी की पूर्ति के लिए
6. कीटनाशक के रूप में

3.प्याज की खेती कैसे करें


चलिए आज हम जानते हैं कि प्याज की खेती करने के लिए हमें किस तरह की तैयारी करनी पड़ती है।
और हमें किन किन बातों का ध्यान रखना पड़ता है।

और किस तरह से प्याज की खेती करने पर हमें अच्छी पैदावार होगी।
हमारे देश में रवि और खरीफ दोनों रितु में प्याज उगाई जाती है।

1. जलवायु और भूमि


प्याज की खेती के लिए ऐसी जलवायु चाहिए जो ना ज्यादा गरम हो और ना ही ज्यादा ठंडी हो।

प्याज को बड़ा होने के लिए बड़े दिन और और अधिक तापमान होना सही रहता है।
सामान्य तौर पर प्याज की खेती सभी मिट्टी में की जाती है।

लेकिन ज्यादा उपज के लिए दोमट मिट्टी सही रहती है।
वैसे प्याज के लिए जीवांश खाद प्रचुर मात्रा में हो और पानी निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए।

2.प्याज की उन्नत किस्में


रवि यानी गर्मी फसल में बुवाई हेतु - पूसा रेड, पूसा व्हाइट फ्लैट, पूसा व्हाइट राउंड, पूसा रतनार, एग्रिफाउंड लाइट रेड,

खरीफ यानी ठंडी फसल में बुवाई हेतु - एन -53 एग्रिफाउंड डार्क रेड,


3.कैसे करें प्याज की नर्सरी


प्याज की रवि फसल के लिए नर्सरी की बुवाई नवंबर दिसंबर महीने में करनी चाहिए।
प्याज के बीज एक हेक्टेयर के लिए 8 से 10 किलो पर्याप्त होता है।

यानी एक बीघा के लिए तकरीबन 2 किलो बीज पर्याप्त होता है।
इसी के हिसाब से नर्सरी बीज की बुवाई करनी चाहिए।

नर्सरी को तैयार करने के लिए छोटी-छोटी क्यारियां बनाकर उसमें बीज डालकर किसी चीज से ढक देना चाहिए।

प्याज की तैयार होने तक उसमें घास की साफ सफाई रखनी होती है।
और उचित समय पर उसे खाद और पानी देना होता है।

4. पौधे की रोपाई


आप की नर्सरी लगभग 7 से 8 हफ्तों में तैयार हो जाती है।
रवि फसल की प्याज को जनवरी के अंतिम सप्ताह या फरवरी के शुरू सप्ताह में रोपाई करनी चाहिए।

तथा खरीफ प्याज की फसल के लिए जुलाई के अंतिम सप्ताह से लेकर अगस्त तक रोपाई कर सकते हैं।

5. सिंचाई


प्याज की रोपाई के बाद हल्की सिंचाई करना बहुत जरूरी होता है जिससे कि मिट्टी गिली रहे।

इसके बाद आप 10 से 12 दिन में एक बार सिंचाई करते रहें। अगर गर्मी का मौसम है तो हर हफ्ते कर सकते हैं।

जब फसल तैयार हो जाएगी तब पौधे पीले पढ़कर गिरने लगेंगे। तब सिंचाई बंद कर दें।

6. प्याज की खुदाई


प्याज की फसल लगभग 140 दिन से 150 दिन तक तैयार हो जाती है।
रवि यानी गर्मी प्याज की फसल को जब उसकी पत्तियां गिरने लगे तब खुदाई करनी चाहिए।

तथा खरीफ यानी ठंडी की प्याज की पत्तियां पीली होकर नहीं गिरती अतः दिसंबर में जब उसके फलों का आकार बड़ा हो जाए लगभग 6 से 8 सेंटीमीटर ब्यास वाला तब उसकी पत्तियों को तोड़ देना चाहिए जिससे पौधे का विकास रुक जाए।

और प्याज ठोस हो जाए। इसके 15 दिन बाद प्याज की खुदाई कर लेनी चाहिए।

7. उपज


तकनीकी उपयोग करके प्याज की उपज लगभग एक हेक्टेयर में 200 से 350 कुंटल फसल उगाई जा सकती हैं।

निष्कर्ष - प्याज की खेती करने के लिए ऊपर बताया गया कुछ सामान्य तरीके हैं।


जिनसे किसान भाइयों को अपने प्याज की फसल काफी अच्छे से उगाने मैं आसानी होगी।
जिससे उनकी फसल अच्छी होगी।


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