[Best 51]Short hindi motivational stories 2021। प्रेरणादायक कहानियां

 Motivational Story in Hindi :- If you guys are searching for short hindi Motivational Stories then you have come to the right place. Here I am sharing with you top 51 motivational stories in Hindi which are really amazing, these Hindi motivational stories help you to move ahead in your life and whatever career you choose. These inspiring stories will make you successful in them.

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मोटिवेशनल स्टोरी इन हिंदी:- अगर आप लोग हिंदी में मोटिवेशनल स्टोरी खोज रहे हैं तो आप बिल्कुल सही जगह पर आए हैं। यहां मैं आपके साथ हिंदी में शीर्ष 51 प्रेरक कहानियां साझा कर रहा हूं जो वास्तव में अद्भुत हैं, ये हिंदी प्रेरक कहानियां आपको अपने जीवन में आगे बढ़ने में मदद करती हैं और आप जो भी करियर चुनते हैं। ये प्रेरक कहानियाँ उनमें आप को सफल बनाएंगे।



    1. आप का मूल्य short hindi motivational stories


    एक जाने-माने स्पीकर एक सेमिनार हाल में अपने हाथों में ₹500 का नोट लेकर प्रवेश करते हैं। उस सेमिनार हाल में बहुत से लोग बैठे हुए थे उन्होंने उस नोट को दिखाते हुए पूछा कि इसे कौन-कौन लेने की इच्छा रखता है। धीरे-धीरे हाथ उठने लगे तब स्पीकर ने बोला आज मैं इसे आप सब में से ही किसी एक को देने वाला हूं।

    लेकिन इससे पहले आप मुझे यह कर लेने दीजिए इतना कह कर वह उस नोट को अपने हाथों में मोड़ चोड दिया। इसके बाद उन्होंने पूछा इसे अब कौन कौन लेना चाहता है। फिर भी सभी के हाथ खड़े थे। फिर स्पीकर ने उसे जमीन पर फेंक कर अपने जूतों से रगड़ा और फिर उठाकर पूछा कि अब इसे कौन कौन लेना चाहता है।

    फिर भी सभी के हाथ खड़े थे यह देखकर स्पीकर बोले आप आज बहुत ही महत्वपूर्ण बातें सीखी हैं। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि मैंने इस नोट के साथ क्या किया। आप इसे अभी लेना चाहते हैं क्योंकि इतना सब करने के बाद भी इसका मूल्य नहीं घटा है। अभी इसका मूल्य ₹500 ही है।

    ऐसे ही हमारे जीवन में होता है हम बहुत मुसीबतों से लड़ते हैं लड़ते-लड़ते थक कर गिर जाते हैं। अपने गलत निर्णय से काफी ज्यादा मुसीबतों का सामना करते हैं। इन सारी परिस्थितियों को देखकर हम अपने आप को बेकार समझने लगते हैं। लेकिन इससे आपके महत्व पर कोई फर्क नहीं पड़ता ना ही आपकी वैल्यू कम होती है। आप खास हैं इसे आप कभी ना भूले और अपने महत्व को बनाए रखें।


    2. परिस्थितियों से समझौता short hindi motivational stories


    एक अध्यापक बच्चों को कुछ पढ़ा रहे थे। उन्होंने एक छोटे से बर्तन मैं पानी लिया और उसमें एक मेंढक को डाल दिया। मेंढक पानी में उछलने खेलने लगा। अध्यापक उस पानी को गरम करने के लिए रख दिया अब पानी का तापमान जैसे-जैसे बढ़ता गया मेंढक तापमान के हिसाब से अपने आप को अर्जेस्ट कर ले रहा था। तापमान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था। और मेंढक भी अपने आप को तापमान के हिसाब से अर्जेस्ट करता जा रहा था।

    एक समय ऐसा आया जब पानी उबलने लगा और मेंढक की क्षमता भी जवाब देने लगी। बर्तन में अब रुके रहना संभव नहीं था। मेंढक ने जब देखा कि पानी में रहना अब संभव नहीं है तब वह पानी से बाहर निकलने के लिए छलांग लगाया। लेकिन पर वह ऐसा नहीं कर पा रहा था। क्योंकि वह पानी के तापमान में अपने आपको अर्जेस्ट करने में अपनी सारी ताकत लगा चुका था।

    कुछ टाइम पानी से बाहर ना आने पर मेंढक वही पानी में मर गया। अब अध्यापक ने बच्चों से पूछा की मेंढक को किसने मारा तो बच्चों ने कहा गर्म पानी ने मारा तब अध्यापक बोले मेंढक को गर्म पानी ने नहीं उसकी सोच ने मारा वह अपनी सोच से मरा है।

    तब बच्चों ने पूछा कैसे तब अध्यापक ने बताया कि जब मेंढक को छलांग मारने की आवश्यकता थी तब वह तापमान में अपने आप को ढालने में सारी शक्ति लगा दी। जब पानी ज्यादा गरम हो गया तब तक उसके पास शक्ति ही नहीं बची थी। जिससे वह छलांग लगा कर खुद को उस पानी से बाहर निकाल सके।

    वैसे ही हम अपनी परिस्थितियों से समझौता करते रहते हैं जब तक कि हमारी परिस्थितियां कुछ ज्यादा ही खराब नहीं हो जाती हैं। तब हम पछताते हैं कि काश समय पर हमने भी छलांग मारी होती तो आज हमारी परिस्थितियां कुछ और रही होती।


    3. सफलता की चाबी short hindi motivational stories


    एक आदमी कहीं से गुजर रहा था तभी उसे पेड़ में रस्सी से बंधे कुछ हाथी दिखाई दिए। वह आश्चर्य से रुक गया और सोचने लगा की हाथी जैसे विशालकाय जानवर एक छोटी सी रस्सी से कैसे बंधे हैं। यह तो स्पष्ट था कि हाथी जब चाहे अपने बंधन को तोड़ कर कहीं भी जा सकते थे। पर वह ऐसा नहीं कर रहे थे।

    वह पास खड़े एक आदमी से पूछा यह हाथी क्यों शांति से खड़े हैं और यह भागने का प्रयास क्यों नहीं कर रहे हैं। वह आदमी बोला इन्हें छोटे से ही बांध कर रखा जाता है। और उस समय इन में इतनी शक्ति नहीं होती है कि वह इन बंधनों को तोड़ सकें वह बार-बार प्रयास करने के बाद भी इस बंधन को नहीं छोड़ पाते हैं।

    इसलिए इनकी दिमाग में यह आ जाता है कि यह बंधन इनसे नहीं टूट पाएगा और बड़े होने पर भी यह इन बंधनों को तोड़ने का प्रयास नहीं करते हैं। वह आदमी हैरान रह गया और सोचने लगा कि यह जानवर सिर्फ इसलिए इस जंजीर को नहीं तोड़ सकते क्योंकि यह ऐसा मान चुके हैं। कि वह ऐसा नहीं कर सकते इन्हें हाथियों की तरह कुछ लोग पहले की मिली असफलताओं के कारण यह मान लेते हैं कि अब यह उनसे नहीं हो सकता या वह नहीं कर सकते हैं।

    अपने ही बनाए हुए मानसिक जंजीरों में पूरा जीवन बिता देते हैं। याद रखिए असफलता एक जीवन का हिस्सा है और निरंतर प्रयास करने से ही सफलता मिलती है।


    4. जिराफ की सीख short hindi motivational stories


    एक बार स्कूल के बच्चे बहुत ही खुश थे क्योंकि उन्हें जंगल में घुमाने के लिए ले जाया जा रहा था। तो सभी बच्चों ने जो समय स्कूल ने तय किए थे उस समय पर सारे बच्चे सामान लेकर तैयार हो गए। सुबह 4:00 बजे वहां से बस निकली और दो-तीन घंटों में जंगल पहुंच गई। वहां उन्हें एक गाड़ी में बैठा दिया गया और जंगल का गाइड उन्हें जंगल में ले जाने लगा उनके साथ मास्टर जी भी थे। बच्चे जंगल में ढेर सारे जानवरों को देखकर बहुत खुश थे।

    वह धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे थे तभी गाइड ने सब को शांत होने का इशारा किया और कहा कि आप लोग शांत होकर इस तरफ देखिए यह बड़ा ही दुर्लभ दृश्य है। वहां पर एक जिराफ अपने बच्चे को जन्म दे रही थी सभी उस दृश्य को बहुत ध्यान से देख रहे थे। जिराफ बहुत ऊंचा था इसलिए बच्चा जन्म लेते वक्त 10 फीट ऊंचाई से गिरा वह गिरते ही अपने पैर को मोड़ लिया जैसे मानो अभी भी वह अपनी मां की कोख में हो जिराफ ने सर झुका कर अपने बच्चे को देखा सभी लोग यह दृश्य बहुत ध्यान से देख रहे थे।

    कभी जिराफ ने अपने बच्चे को एक जोर से लात मारी और बच्चा अपनी जगह से पलट गया। बच्चे बोलने लगे मास्टर जी उस जिराफ को रोकिए नहीं तो वह बच्चे को मार डालेगा। मास्टर जी सभी को शांत रहने के लिए बोले और फिर उस तरफ देखने लगे। और फिर फिर आपने बच्चे को एक लात मारी और इस बार बच्चा उठ खड़ा हुआ और डगमगाते हुए चलने लगा। धीरे-धीरे मां और बच्चे जंगल में चले गए।

    उसके जाते ही बच्चों ने पूछा कि मास्टर जी वह अपने ही बच्चे को लात क्यों मार रही थी। तब मास्टर जी ने बताया कि यहां पर बहुत से जंगली जानवर रहते हैं। इसलिए अगर यहां बच्चे को जिंदा रखना है तो उसे जितना जल्दी हो सके उसे अपने पैरों पर चलना आना चाहिए। अगर उसकी मां उसे लात नहीं मारती तो शायद वह अभी भी वहीं पड़ा रहता मां के लात मारने पर ही वह अपने पैरों पर चलने लगा।

    बच्चों इसी तरह आप भी अपनी मम्मी पापा की डांट को बुरा मानते हैं लेकिन जब आप आगे बढ़कर इस चीज को देखते हैं तब आपको मालूम पड़ता है कि उन्हीं की डांट की वजह से आप अपने कार्य करने में सफल हो पाए हैं।


    5. विशेषताओं से सीखो short hindi motivational stories


    एक बार एक किसान जंगल में लकड़ी काटने गया। वहां उसने एक लोमड़ी को देखा जिसके दो पर नहीं थे फिर भी वह खुश नजर आ रही थी। वह बहुत कठिनाई से एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाती थी। लोमड़ी को देखकर किसान को बहुत दया आ रहा था। वह सोचने लगा कि यह जंगल में अभी तक जिंदा कैसे है यह तो जाकर शिकार भी नहीं कर सकती और बड़े जानवरों से अभी तक कैसे बची हुई है।

    तभी वहां शेर अपने मुंह में शिकार दबाए आ रहा था शेर को देखकर सभी जानवर भाग गए किसान भी पेड़ पर चढ़ गया। पर लोमड़ी वहीं खड़ी रही शेर अपने शिकार का थोड़ा सा भाग लोमड़ी के पास रख कर चला गया। किसान यह देखकर बड़ा आश्चर्य मैं पड़ गया की शेर इसे अपना शिकार बनाने के बजाय इसे अपने शिकार का कुछ हिस्सा खाने को दे रहा है।

    किसान उस दिन शाम होने की वजह से घर लौट आया और रात भर उस घटना को सोचता रहा और अगली सुबह फिर वह जंगल गया वहीं पर लकड़ी काटने और फिर उसने देखा कि शेर लोमड़ी को अपने शिकार का कुछ हिस्सा देकर चला गया।

    भगवान के इस अद्भुत लीला को देख कर किसान को समझ में आ गया कि ऊपरवाला जिसे पैदा करता है उसकी रोटी का इंतजाम भी कर देता है। ऐसा सोच कर वह किसान एक जंगल में जाकर बैठ गया। और सोचने लगा कि वह हमारे लिए भी कोई ना कोई उपाय कर ही देंगे। कई दिन बीत गए पर वहां पर कोई नहीं आया।

    अब वह भूख से बहुत कमजोर हो चुका था अगर उसे खाना नहीं मिलता तो उसकी जान निकल जाती। आखिरकार वह अपने घर आने को सोचा तभी उसे एक महात्मा मिले वह महात्मा उसे भोजन कराया और पीने को पानी दिया।

    तब किसान उनके चरणों में गिर गया और उन्हें उस अपंग लोमड़ी की बात बताई और कहा महाराज भगवान ने उस पर कृपा दिखाइए और मैं तो मरते मरते बचा। भगवान ने मुझ पर दया क्यों नहीं दिखाई महात्मा मुस्कुराए और बोले कि तुम इतने नासमझ हो गए कि भगवान का इशारा भी नहीं समझा इसलिए तुम्हें इस तरह की मुसीबत का सामना करना पड़ा।

    तुम यह क्यों नहीं समझे कि तुम्हें उस शेर की तरह मदद करने वाला बनते देखना चाहते थे और तुम लाचार लोमड़ी की तरह बन गए। दोस्तों हमारे साथ भी ऐसा ही होता है हमें जिस तरह समझना चाहिए उसके उल्टा समझ लेते हैं।

    हर इंसान के अंदर ऐसी विशेषताएं होती हैं जो उसे महान बना सकती हैं। अब यह आपको निश्चय करना होगा कि आप को शेर बनना है या फिर लोमड़ी


    6. एक लोटा दूध short hindi motivational stories


    बहुत दिनों की बात है एक गांव में बारिश ना होने की वजह से सूखा पड़ गया। हर तरफ हाहाकार मच गया पानी की कमी की वजह से लोग मरने लगे थे। क्योंकि वहां पर अनाज नहीं होता था। उस गांव में केवल एक ही आचार्य थे जो पढ़े लिखे थे।

    उस आचार्य ने गांव में बारिश होने के लिए बहुत सारे उपाय किए पर कोई भी उपाय काम नहीं आया गांव में सूखे की समस्या पहले की तरह ही बनी रही। गांव वालों के पास कोई रास्ता नहीं बचा था तो वह भगवान के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना करने लगे कि भगवान अब तू ही हम सब को बचा सकता है।

    लोगों की प्रार्थना सुनकर वहां पर एक भगवान का दूत आया और लोगों को इसका उपाय बताया कि गांव के कुएं में रात को सभी लोग अपने घर से एक एक लोटा दूध लेकर डाल दें। दूत की बात सुनकर सभी लोग ऐसा करने को तैयार हो गए।

    और रात को सभी लोग अपने घर से दूध लेकर कुएं में डालने चल दिए वही गांव में एक चालाक आदमी था उसने सोचा कि सभी लोग अपने घर से एक एक लोटा दूध डालेंगे ही अगर मैं उसमें एक लोटा पानी डाल दूं तो कहां पता चलेगा।

    सब लोगों ने अपने घर से डाल दिया जब सुबह हुई तो बारिश नहीं हुई बस अब पहले की तरह ही था तब लोगों ने सोचा कि ऐसा क्यों हो रहा है जब लोगों ने जाकर कुएं में देखा तू वहां पानी ही था दूध का पता नहीं था।

    क्योंकि जो बात उस चालाक आदमी के मन में आई थी वही बात सभी गांव वालों के मन में आई थी। और सभी ने अपने घर से एक एक लोटा पानी ले जाकर उस में डाला था।

    एक बात हमेशा याद रखिए कि अगर आप अपने काम की जिम्मेदारी बिना किसी पर डाले हुए अपने काम को पूरी इमानदारी और मेहनत से करें तो हम अकेले ही इस समाज में बदलाव लाने के लिए काफी हैं।


    7. ध्यान अपने लक्ष्य पर रखें short hindi motivational stories


    एक गांव के पास में एक महात्मा रहते थे और उनके साथ उनका शिष्य भी रहता था। वह दूर-दूर के शहरों और गांवों में सबकी परेशानियों को दूर करने के लिए बहुत प्रसिद्ध थे। सभी लोग महात्मा के पास अपनी समस्याओं को लेकर आते थे और महात्मा जी उनकी समस्याओं का समाधान बताते थे।

    1 दिन शहर से 2 हटे कट्टे नौजवान महात्मा के पास आए महात्मा ने देखा कि वह बहुत निराश हैं। महात्मा ने उन्हें बैठने के लिए कहा दोनों बैठे और उसमें से एक नौजवान बोला महात्मा जी सुना है आप सभी के समस्याओं का हल बताते हैं और हम भी बहुत उम्मीद लेकर आपके पास आए हैं।

    यह कहते हुए नौजवान अपनी समस्या बताया कि उसके मोहल्ले में कुछ बदमाश आते रहते हैं जो कि उन्हें बड़ा तंग करते हैं और आते जाते लोगों को गाली भी देते हैं। महात्मा उनकी बात सुनकर उन्हें बोला कि आप यह सीधी सड़क पकड़कर जाओ सड़क जहां पर मुड़ी है वहीं पर एक नीम का पेड़ है।

    वहीं से कुछ नियम के पत्ते लेकर आओ दोनों नीम के पत्ते तोड़ने चल दिए रास्ते में कुत्ते भोंकने लगे जैसे जैसे वह आगे बढ़ते कुत्तों की संख्या और भी बढ़ गई। अब वह वहां से वापस लौट कर महात्मा जी के पास आए और बताएं कि वहां बहुत सारे कुत्ते हैं। इस पर महात्मा जी ने अपने शिष्य को पत्ते लाने के लिए भेजा शिष्य जाकर नीम के पत्ते तोड़कर ले आया।

    इस पर महात्मा जी ने कहा कि पता है यह कैसे लेकर आया यह अंधा है इसे सिर्फ अपने लक्ष्य ही दिखाई देते हैं। महात्मा ने उन दोनों को बताया कि देखो बेटा तुम जितनी ही फिजूल की बातों पर ध्यान दोगे या फिजूल चीजों पर ध्यान दोगे वह तुम्हें उतनी ही परेशान करेगी। इसलिए सिर्फ अपने लक्ष्य पर ध्यान दो तभी तुम सफल बन पाओगे।


    8. खुशियों का राज  hindi short motivational stories


    एक मीटिंग में काफी लोग जुटे हुए थे मीटिंग को अभी थोड़ी ही देर हुए थे कि स्पीकर रुका और बोला आप सब गुब्बारों पर अपने-अपने नाम इस मार्कर से लिखिए और इसे एक रूम में जाकर रख दीजिए। स्पीकर के कहने पर सभी लोग ऐसा ही किए कुछ देर बाद स्पीकर बोला अब आप सब उस कमरे में जाएं और 5 मिनट के अंदर अपने नाम का गुब्बारा लेकर बाहर आए सभी लोग वह आ गए और 5 मिनट बाद सभी को बाहर बुला लिया गया।

    पर वहां सभी के हाथ खाली थे स्पीकर ने पूछा क्या आपको अपने नाम का गुब्बारा नहीं मिला सभी ने बोला हमें दूसरे के नाम का गुब्बारा मिल जाता था पर मेरे नाम का नहीं मिला। इस बार स्पीकर ने बोला कि आप सब फिर जाओ और जिसे जिसके नाम का गुब्बारा मिले उसे पुकार कर दे देना सभी स्वीकार के कहने पर अंदर गए और 3 मिनट के अंदर ही बाहर चले आए।

    और सब के हाथ में गुब्बारे थे इस पर स्पीकर गंभीर होकर बोला ठीक इसी तरह से हमारे जीवन में भी हो रहा है सब अपने लिए ही जी रहे हैं। हमे कोई मतलब नहीं कि हम किस तरह और दुसरो की मदद कर सकते है। हम तो पागलों की तरह अपनी ही खुशियां ढूंढ रहे है। बहुत ढूंढने के बाद भी हमे खुशी नहीं मिलती लेकिन हमारी खुशियां दूसरों की खुशियों में छिपी हुई है।


    9. बूढ़ा पिता hindi short motivational stories


    पेड़ बूढ़ा ही सही आंगन में लगा रहने दो फल ना सही छांव तो देगा।

    एक बूढ़ा आदमी अपने बेटे और बहू के साथ शहर में रहने गया। वह बहुत बड़ा होने के कारण उसके हाथ कांपते थे और उसे अच्छे से दिखाई भी नहीं देता था। वह छोटे से घर में पूरा परिवार तथा उनका एक 8 साल का बेटा उनके साथ रहता था।

    पूरा परिवार एक साथ टेबल पर खाना खाता था। पर बूढ़े होने के कारण उस व्यक्ति को खाने में बड़ा दिक्कत होती थी। कभी चम्मच से भोजन नीचे गिर जाता तो कभी पानी छलक कर के टेबल पर गिर जाता यह सब देखकर बेटे को चीड़ होने लगी।

    1 दिन बेटा बोला इनका कुछ करना पड़ेगा इस पर उसकी पत्नी ने उसे सपोर्ट करते हुए कहा हां इसका कोई ना कोई उपाय तो करना पड़ेगा नहीं तो हमारे खाने का मजा भी किरकिरा हो जाता है।

    और सामान का भी नुकसान होता है। अगले दिन जब खाने का वक्त हुआ तब एक पुरानी मेज को कोने में लगा दिया और बोला पिताजी आप वही खाना खा लिया करें। और उन्हें खाने के बर्तनों की जगह लकड़ी का कटोरा दे दिया। जिससे कि अब और कांच का बर्तन ना टूट सके बाकी सब पहले की तरह भोजन करते कभी कभार उनकी तरफ देखते तो उनकी आंखों में आंसू दिखाई देते थे।

    यह देखकर भी बेटे और बहू का दिल नहीं पिघलता उनकी छोटी सी गलती पर भी उन्हें ढेर बात सुना देते थे। वहां बैठा लड़का भी ध्यान से यह सब देखता रहता और अपने में ही मगन रहता था। एक दिन बेटे को जमीन पर बैठकर कुछ करते हुए देखा तो उन्होंने पूछा कि बेटा यह क्या कर रहे हो 8 साल के बच्चे ने बोला मैं तो आप सबके लिए लकड़ी का कटोरा बना रहा हूं। ताकि जब मैं बड़ा हो जाऊं तो आप सब इसमें खाना खा सके।

    दोनों एक दूसरे को देखते रहे और कुछ भी नहीं कहा अब वह समझ चुके थे कि उन्हें क्या करना है। अगले दिन जब खाने का समय हुआ तो वह अपने पिता को वापस अपने खाने की टेबल पर ले आए और फिर उनके साथ कभी अभद्र व्यवहार नहीं किया। इसलिए कभी भी अपने परिवार के साथ ऐसा व्यवहार ना करें कि कल को आप ही का बेटा आपके लिए लकड़ी का कटोरा बनाने लगे।


    10. सोने का हार hindi short motivational stories


    एक सुनार के निधन के बाद उसका परिवार संकट में पड़ गया। खाने पीने को भी कुछ नहीं था एक दिन उसकी पत्नी ने अपने बेटे को एक सोने का हार दिया और बोली अपने चाचा के पास जाओ और उनसे बोलना की इसे बेचकर कुछ पैसे दे दें। बेटा वह हार लेकर चाचा जी के पास गया चाचा ने हार देखा परखा और बोला बेटा मां से बोलना अभी बाजार बहुत मंदा है थोड़ा रुक कर बेचना अच्छे पैसे मिलेंगे।

    और थोड़े से पैसे देकर बोला बेटा कल से तुम दुकान पर आकर बैठना अगले दिन से वह रोज दुकान पर जाने लगा। और वहां सोने चांदी हीरे मोती का काम सीखने लगा। एक दिन वह बहुत बड़ा पारकी बन गया पारकी का मतलब होता है सोने चांदी हीरे जवाहरात की परख करने वाला लोग दूर-दूर से उसके पास सोने चांदी की परख करवाने आने लगे।

    1 दिन चाचा ने बोला कि बेटा अपनी मां से कहना कि अब बाजार तगड़ा है और वह हार लेते आना जब वह मां से हार लेकर परखा तब उसे पता लगा कि यह तो नकली है। वह घर पर ही छोड़ कर दुकान लौट आया। चाचा ने पूछा हार नहीं लाए वह बोला वह तो नकली था। चाचा ने बोला जिस दिन तुम्हारे लेकर आए थे अगर मैं उस दिन इसे नकली बता देता तो तुम यही कहते हैं कि हमारा बुरा वक्त आया तो हमारे चीजों को भी नकली बताने लगे।

    आज तुम्हें स्वयं पता चला कि वह नकली है आज के संसार में हम ज्ञान के बिना जो भी देखते हैं जानते हैं सब गलत है। ऐसे ही गलतफहमी का शिकार होकर रिश्ते बिगड़ते हैं।


    11. मां का दिल  short motivational stories in Hindi


    एक बूढ़ी औरत किसी बीमारी से पीड़ित हॉस्पिटल में भर्ती थी। और अपनी अंतिम सांसे गिन रही थी उसके आसपास उसके रिश्तेदार बेटे बहु सभी खड़े थे। देखते देखते वह बूढ़ी औरत मर गई। सभी बहुत दुखी थे और रो रहे थे। सबसे ज्यादा उनका बेटा रो रहा था रोते-रोते शाम हो गई। और उसकी तबीयत भी खराब हो गई शाम को वह अपनी मां की यादों को लेकर अपने मां के कमरे में गया।

    वह अपनी मां की चारपाई पर बैठा रो रहा था तभी उसकी नजर चारपाई पर रखें लेटर पर गई। और उस पर कुछ दवाइयां भी रखी थी। वह दवाइयों को हटाया और लेटर को उठाकर पढ़ने लगा। लेटर पढ़कर वह और ज्यादा रोने लगा। क्योंकि उसमें लिखा था बेटा मेरे जाने के बाद तुम बहुत ज्यादा रोने लगोगे और तुम्हें ज्यादा रोने से दस्त होने लगती है।

    इसलिए यह दवा तुम खा लेना जिससे तुम्हें दस्त ना हो और अपना ख्याल रखना। यह मायने नहीं रखता कि हमारी मां किस परिस्थिति में हैं वह चाहे जिस परिस्थिति में हो वह अपने बच्चों का ख्याल रखती हैं। किसी ने सही ही कहा है। के ऊपर वाला हर जगह हमारी हिफाजत नहीं कर सकता इसलिए उसने मां बनाई है।


    12. काम या फिर आराम short motivational stories in Hindi


    एक आदमी बहुत ही आलसी था वह ऐसी जिंदगी चाहता था जिसमें उसे कुछ काम ना करना पड़े सब बेड पर सोए सोए ही मिल जाए। उसकी इस आदत से घर वाले बहुत परेशान थे। घरवालों ने इसे सुधारने के लिए इसकी इच्छाओं को पूरा ही नहीं किया। अचानक एक दिन उसकी मृत्यु हो गई मृत्यु के बाद जब वह स्वर्गलोक पहुंचा तो स्वर्ग लोग बहुत ही सुंदर था।

    वहां दूत उन्हें एक खूबसूरत कमरे में ले गए और बोले आप के आसपास यह जो दासियां हैं। वह आपके हर कामों को करेंगे आपको सोए सोए ही सब कुछ दे दिया जाएगा।

    बस आपको आराम करना है यह सब देख कर वह आलसी व्यक्ति बहुत ही खुश हुआ। वह सोचने लगा काश मैं पहले ही मर कर स्वर्ग में आ जाता तो हमें इतना कष्ट ना झेलना पड़ता। अब वह इंसान दिन भर सोता और उसे जो भी चाहिए होता वहीं पर आ जाता था। कुछ दिन बीत जाने पर वह इन सब से बोर हो गया जब भी वह अपने बिस्तर से उठना चाहता दास दासिया उसे रोक देते थे।

    इसी तरह बहुत समय बीता उसे यह आराम की जिंदगी बोझ लगने लगी। अब उसका मन कुछ काम करने को कर रहा था। वह देवदूत को बुलाया और बोला मुझे आप काम करना है। तब देवदूत ने बोला आपको यहां काम करने के लिए नहीं आराम करने के लिए बुलाया गया है। और आपकी भी तो यही इच्छा थी।

    उस आलसी इंसान ने देवदूत से माफी मांगी और बोला मैं आपको कोई काम नहीं दे सकता मुझे सब कुछ समझ में आ गया है देवदूत ने पूछा तुम्हें इससे क्या समझ में आया है। तब आलसी इंसान बोला मनुष्य को काम करने के समय काम करना चाहिए और आराम करने के समय आराम करना चाहिए। दोनों में से अगर एक भी अधिक होगा तो हमारे जीवन की खुशियां नष्ट हो जाएंगे।

    आपको जब भी आलस आए तब आप एक बात हमेशा याद रखना की आलसी लोगों के लिए स्वर्ग भी नरक बन जाता है।


    13. मौका बार-बार नहीं मिलता short motivational stories in Hindi


    एक गांव में एक गरीब व्यक्ति रहता था एक दिन उसके घर एक महात्मा आए। महात्मा बोले मुझे भूख लगी है क्या तुम्हारे पास कुछ खाने के लिए हैं। उस गरीब व्यक्ति ने उन्हें खाना खिलाया और बहुत भक्ति भाव से उनकी सेवा की इस सेवा से महात्मा जी बहुत खुश हुए और बोले मैं तुम्हारी सेवा से बहुत खुश हूं।

    मैं तुम्हें पारस पत्थर देता हूं  तुम इससे जिस भी लोहे को छुओगे वह सोने में बदल जाएगा। मैं तुम्हें इसे 7 दिन के लिए देता हूं सातवें दिन में फिर तुम्हारे पास आऊंगा। और इसे वापस ले जाऊंगा। अगले दिन वह व्यक्ति बाजार में लोहा लेने गया।

    उसने लोहे का भाव पूछा उसे लोहा बहुत महंगा लगा। उसने दुकानदार से पूछा लोहा कब तक सस्ता हो जाएगा। दुकानदार ने कहा कल परसो तक वह व्यक्ति घर आ गया और फिर अगले दिन फिर दुकान पर जाकर लोहे का भाव पूछा तो उसे लोहे के भाव में कोई फर्क नहीं समझ में आया। ऐसे ही दो-चार दिन बीत गए फिर वह व्यक्ति दुकानदार के पास गया और पूछा कि आज दुकान पर लोहे का क्या भाव है उस दिन लोहा थोड़ा सस्ता था।

    फिर वह सोचा कि आज थोड़ा लोहा खरीद कर ले ही चलते हैं। फिर वह सोचने लगा कि यहां से ले जाने में भी तो किराया लगेगा। चलो जाने दो सस्ता हो जाएगा तब लेंगे। यह सोचकर वह व्यक्ति वापस घर चला गया। तब अगले दिन स्वामी जी उसके घर आए और उसका हाल वैसा का वैसा देख कर वह बहुत ही आश्चर्य चकित हुए।

    महात्मा जी ने उससे इसका कारण पूछा तो वह आदमी बोला लोहा बहुत महंगा है। इस पर महात्मा ने बोला अबे गधा लोहा चाहे जितना भी महंगा हो पर सोने से कई गुना सस्ता ही रहेगा। अगर तुम लोहा खरीद के तो वह अभी तक सोने में बदल चुका होता आज 7 दिन पूरे हो गए हैं मैं तुमसे वह पारस पत्थर लेने आया हूं।

    वह व्यक्ति महात्मा के सामने गिराने लगा और बोला मुझे 7 दिन का और समय दे दो पर महात्मा बोले ऐसे मौके बार-बार नहीं मिलते और तुमने इस मौके की अहमियत को नहीं समझा इतना कहकर महात्मा पारस पत्थर लेकर वहां से चले गए। दोस्तों ऐसे ही हमारे जीवन में बहुत से मौके मिलते हैं जो हमारे जीवन को बदल कर रख सकते हैं जो व्यक्ति इन मौकों को पहचान लेता है। उसकी जिंदगी आसानी से बदल जाती है।


    14. लक्ष्य पर ध्यान दो hindi short motivational story


    एक बार की बात है एक मैदान में कुछ बच्चे खेल रहे थे। अचानक बच्चों में बहस होने लगी इस बात को लेकर की सबसे अच्छा खिलाड़ी मैं हूं। पास से गुजरते एक बुजुर्ग यह सब देख रहे थे वह बुजुर्ग बच्चों के पास आए। और कहां कि जो भी इस हमें पर ऊपर तक चढ़ जाएगा वही सबसे अच्छा खिलाड़ी होगा।

    सभी बच्चे प्रयास करने लगे पर खम्मा इतना चिकना था कि उस पर चढ़ना असंभव सा लग रहा था। बहुत प्रयास करने के बाद सब बच्चों ने हार मान लिया पर एक बच्चा अभी भी कोशिश कर रहा था। सब आसपास खड़े लोग बोल रहे थे कि इस पर चढ़ना संभव है तू बेकार में कोशिश कर रहा है।

    पर वह बच्चे नहीं कोशिश करना नहीं छोड़ा अंतिम में वह बच्चा उस खम्मा पर चढ़ गया। यह देख कर सब बच्चे आश्चर्यचकित हो गए और उससे पूछने लगे कि तुमने यह कैसे किया इस पर चढ़ना तो असंभव था। वह बच्चा चुपचाप खड़ा था कोई जवाब नहीं दिया।

    इस पर वह बुजुर्ग ने बोला कि उसे क्या पूछते हो वह तो बहरा है उसे सुनाई नहीं देता हैं। दोस्तों इसी तरह हमारे अंदर भी हर काम को करने की क्षमता होती है पर हम अपने आसपास लोगों के नकारात्मक बात को सुनकर यह मान बैठते हैं कि यह हम से नहीं होगा।


    15. घमंड ना करो। hindi short motivational story


    हंसों का झुंड समुंद्र के पास जा रहा था तभी उसे रास्ते में एक कौवा मिला वह उन हंसों को बहुत ही उपेक्षा भरी नजरों से देख रहा था। और बोल रहा था कि तुम सब तो बस ऐसे ही उड़ते हो उड़ना तो हमें आता है। इस बात को सुनकर एक बुजुर्ग हंस बोला अच्छी बात है तुम्हें अच्छे से उड़ना आता है।

    पर तुम्हें इस बात पर घमंड नहीं करना चाहिए पर कौवा बोला फालतू की बात मत करो अगर किसी में दम है तो वह मेरा मुकाबला करके दिखाएं। इस पर एक नौजवान हंस उसके इस चुनौती को स्वीकार किया और एक प्रतियोगिता रखी गई। इस प्रतियोगिता में कौवा जो करतब दिखाएगा उसे हम सबको करके दिखाना होगा।

    और जो हंस करतब दिखाएगा उसे कौवे को करके दिखाना होगा। अगले दिन प्रतियोगिता शुरू हुई कौवा अनेक प्रकार के करतब को दिखाया हंस उसमें से कुछ करता भी नहीं कर पाया इस पर कौवा बोला मैं पहले से ही बोल रहा था तुम लोग ऐसे ही उठते हो तुम लोगों के बस का नहीं है।

    और अब बारी आई हंस के करतब दिखाने की हंस समुंद्र की तरफ उड़ पड़ा समुंद्र के काफी दूर जाने पर कौवा भी पीछे-पीछे उड़ रहा था। अब कौवा पूरी तरह से थक चुका था उसे कहीं पर जमीन भी दिखाई नहीं दे रही थी। वह बार-बार पानी को छूता और फिर हिम्मत करके उड़ता यह सब देख कर हमसे को समझ में आ गया था कि अब यह थक चुका है। हमसे बोला तुम बार-बार पानी क्यों छू रहे हो इस पर कौवा बोला हंस भाई मुझे माफ कर दो अब से मैं कभी भी घमंड नहीं करूंगा और मेरी जान बचा लो मैं पूरी तरह थक चुका हूं मैं पानी में गिरा तो मर जाऊंगा।

    हंस को उस पर दया आ गई हम सुने उसे अपनी पीठ पर बैठाया और वापस जमीन की तरफ आने लगा और आकर जमीन पर उतर गया। और कौवा बहुत शर्मिंदा हुआ। इसीलिए दोस्तों हमारे अंदर चाहे जितनी भी अच्छाइयां क्यों ना हो हमें उस पर घमंड नहीं करना चाहिए नहीं तो कभी न कभी हमें भी कौवे की तरह शर्मिंदा होना पड़ेगा।


    16. सफलता का राज hindi short motivational story


    एक बार एक आदमी था उसने एक अमीर आदमी को देखा और सोचा कि वह भी अमीर बनेगा। उसने उस दिन से मेहनत करना शुरू कर दिया और कुछ पैसे कमाए। फिर कुछ दिनों बाद उसकी मुलाकात एक ज्ञानी व्यक्ति से हुई । उसने सोचा की अब वह भी ज्ञानी बनेगा। कुछ दिन पढ़ाई करने के बाद उसकी मुलाकात एक गायक से हुई जिसकी आवाज सुनकर वह उसकी तरफ काफी आकर्षित हो गया।

    और सोचने लगा कि अब वह भी गायक बनेगा और लोगों को अपनी आवाज से आकर्षित करेगा। फिर वह आदमी गाना सीखने लगा पर वह यह भी नहीं सीख पाया। जब वह अपने बीते हुए समय पर गौर किया तो उसे लगने लगा कि ना ही वह अमीर बन पाया और ना ही वह ज्ञानी बन पाया और ना ही वह गायक बन पाया। और बहुत परेशान हुआ। एक दिन वह उदास बैठा हुआ था। तभी वहां पर एक महात्मा आए वह महात्मा को देखकर अपनी परेशानी उन्हें बताया और इसका समाधान पूछा इस पर महात्मा ने कहा।

    इस दुनिया में हमें सभी चीजें अपनी तरफ आकर्षित करती हैं। इसलिए तुम्हें सोच समझकर किसी एक रास्ते को चुनना होगा और तुम्हें उसी पर मेहनत करनी होगी। तभी तुम सफल आदमी बन पाओगे। अगर तुम बार-बार रास्ता बदलते रहोगे तो तुम कभी सफल नहीं हो पाओगे।


    17. डरना छोड़ो hindi short motivational story


    एक आदमी था उसके पास 10 भेड़ें थी वह रोज चराने जाता था और वापस लाकर पेड़ों के भाड़े में बंद कर देता था। एक दिन जब वह आदमी भी भेड़ों को भाड़े में बंद कर रहा था। तो उसे लगा की एक भीड़ कम है वह इधर उधर बहुत खोजा पर उसे वह कहीं नहीं मिला और उसने भेड़ों से भी पूछा कि क्या तुम्हें भी पता है। भेड़ों की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

    उसने फिर भेड़ों को चराया और भाड़े में बंद कर दिया। फिर अगले दिन एक भेड़ कम थी। अब उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कुछ दिन ऐसा ही चला और 1 दिन उसके पास सिर्फ दो ही भेड़ बची। वह पूरी तरह से निराश हो चुका था। वह दोनों बहनों को भाड़े में बंद किया और चल दिया तभी पीछे से आवाज आई कि रुको रुको मुझे अकेला मत छोड़ो नहीं तो यह भेड़िया भी मुझे खा जाएगा।

    उस व्यक्ति ने पीछे मुड़ा और पूछा भेड़िया कहां है। उस भीड़ ने कहा कि यह भेड़िया है यह भेड़ की खाल पहना हुआ है। यह सुनकर भेड़िया भागने लगा उस व्यक्ति ने डंडे से मारकर उसे वहीं पर गिरा दिया। और पूछा कि तुम्हें कैसे पता चला कि यह भेड़िया है। वह भेड़ बोली जब पहले दिन भर गायब हुई थी। तब उस के दूसरे दिन मुझे नींद नहीं आई थी और मैं पूरी रात जाग रही थी और रात को देखी थी यह भेड़ को मारकर खा गया।

    उस आदमी ने कहा अगर तुम पहले बता देती तो इतनी भेड़ों की जान बच जाती भेड़ बोली मैं डर गई थी और आज मेरे जान पर बात आ गई थी इसलिए मैंने हिम्मत करके बोला वह बोला अगर तुम यही मत पहले दिखाई होती तो आज सब कुछ ठीक होता दोस्तों इसी तरह मैं अपने जीवन में अपने डर से हिम्मत दिखाकर आगे बढ़ना चाहिए। यही डर हमें आगे बढ़ने से रोकता है।


    18. अवसर को पहचानो hindi short motivational story


    एक बार एक गांव में एक साधु महात्मा रहते थे। हिंदी कहानी अचानक उस गांव में ज्यादा पानी बरसने की वजह से बाढ़ आ गई सभी गांव वाले गांव छोड़कर जाने लगे सभी ने महात्मा जी से भी कहा महात्मा जी इस स्थान को छोड़कर किसी सुरक्षित स्थान पर चलें पर महात्मा जी ने कहा तुम सब जाओ मुझे बचाने मेरा भगवान आएगा।

    कुछ समय बाद पानी इतना ज्यादा बढ़ गया कि महात्मा जी के पेट तक पानी आ गया। तभी वहां एक नाव वाला आया और महात्मा जी से बोला महात्मा जी आओ बैठो मैं तुम्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा देता हूं। पर महात्मा जी ने बोला नहीं तुम जाओ मुझे बचाने मेरा भगवान आएगा।

    कुछ समय बाद पानी ज्यादा होने की वजह से महात्मा जी पेड़ पर चढ़ गए। तभी वहां हेलीकॉप्टर से कुछ लोग आए और बोला कि महात्मा जी रस्सी पकड़ कर ऊपर आ जाओ हम आपको सुरक्षित स्थान पर छोड़ देंगे। पर फिर भी महात्मा जी ने बोला तुम लोग जाओ मुझे बचाने मेरा भगवान आएगा।

    इसी तरह पानी का बहाव काफी तेज होने की वजह से वह पेड़ पानी में गिर गया और महात्मा जी की मृत्यु हो गई। महात्मा जी जब स्वर्ग में गए तब उन्होंने भगवान से पूछा कि मैं आपकी कितनी पूजा करता हूं और भक्ति भाव रखता हूं पर आपने मेरी रक्षा नहीं की इस पर भगवान बोले मैं तुम्हारी सहायता के लिए तीन बार आया था।

    पर तुम नहीं मानी इसलिए तुम्हारी मृत्यु हो गई पहली बार मैं ग्रामीणों के रूप में आया था पर तुमने मेरी बात नहीं मानी दूसरी बार में नाव चलाने वाले के रूप में आया था पर तुमने मेरी बात नहीं मानी तीसरी बार मैं तुम्हें हेलीकॉप्टर से आया था पर तुमने मेरी बात नहीं मानी और तुम अपनी जिद पर अड़े रहे इसलिए तुम मृत्यु को प्राप्त हुए ।

    इसी तरह हमारे जीवन में भी बहुत से मौके आते हैं पर हम उसे पहचान नहीं पाते और जिंदगी भर पछताते रहते हैं।


    19. काबिलियत की पहचान short hindi motivational stories


    एक नदी के पास एक बगीचा था उसमें अनेक प्रकार के फूल के पेड़ लगे थे। और वहां काफी लोग जुटते थे जोकि गुलाब के फूलों की बहुत तारीफ करते थे वही गुलाब का पता सोचता कि लोग गुलाब की बहुत तारीफ करते हैं। वह सोचता था कि लोग हमारी भी तारीफ करेंगे पर बहुत दिन बीत गए लोग उसकी तरफ ध्यान भी नहीं देते थे।

    गुलाब का पत्ता अपने आप को बहुत हिनता भरी नजरों से देखता और कहता कि लगता है मेरी जिंदगी व्यर्थ है। मैं किसी काम का नहीं हूं। ऐसे ही कुछ दिन बीते और 1 दिन वहां पर बहुत तेज से हवा चलने लगी यह हवा धीरे धीरे तूफान का रूप लेने लगी सभी फूल जमीन पर गिर गए। और बता भी पेड़ से टूट कर नदी में जा गिरा तभी उसने देखा कि नदी में एक चींटी गिरी हुई है।

    जो अपनी जान बचाने के लिए काफी संघर्ष कर रही है। और काफी थक चुकी है। पता उसे देख कर बोला रुको मैं तुम्हारी सहायता करता हूं। पता चींटी को अपने ऊपर बैठा कर नदी के किनारे छोड़ दिया चींटी ने उसे धन्यवाद देते हुए कहा आज तुम्हारी वजह से हमारी जान बच गई। इस पर पत्ते नहीं कहा धन्यवाद तो मुझे आपका करना चाहिए।

    आपकी वजह से आज मेरी काबिलियत का पता चला है जिससे मैं अभी तक अनजान था। आज पहली बार मैं अपनी ताकत को पहचान पाया हूं। दोस्तों इसी तरह हम भी अपनी काबिलियत से अनजान रहते हैं और समय आने पर हमें अपनी काबिलियत का पता चलता है इसलिए हमें अपने आप को निराश और हीनता की भावना से नहीं देखना चाहिए।


    20. मैं बदला लूंगा short hindi motivational stories


    जब कोई हमारे साथ गलत करता है तो हमारे अंदर बदला लेने की भावना आती है। इसी को समझाने के लिए हम आपको एक कहानी सुनाने जा रहे हैं। बहुत पहले एक गांव में एक लिली नाम की लड़की थी उस की जब शादी हुई तो वह ससुराल चली गई। उसके परिवार में सिर्फ वह और उसका पति और उसकी सांस थी।

    कुछ दिन बीत जाने पर लिली और उसकी सास मैं लड़ाइयां होने लगी। जैसे जैसे दिन गुजरते गए वैसे वैसे सास और बहू के रिश्ते और भी बिगड़ते गए। 1 दिन ले ली गुस्से में आकर अपने मायके चली गई। उसने निश्चय किया कि किसी भी तरह वह अपनी सांस से बदला ले कर रहेगी। इसी विचार के साथ हुआ एक महात्मा जी के पास पहुंची और उन्हें अपनी समस्या बताइए।

    इस पर महात्मा जी ने कहा अगर तुम अपनी सास को जहर भी दे दोगी तो भी तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा। महात्मा जी ने एक जड़ी-बूटी दी और कहा तुम अपने सास को रोज इस जड़ी बूटी को खिलाया करो और अपनी सास के साथ अच्छा व्यवहार करो। उन्हें रोज अच्छी से अच्छी चीजें खिलाया करो और उन्हीं में यह जड़ी-बूटी डाल दिया करो।

    धीरे-धीरे यह जड़ी बूटी उनके शरीर में जहर फैला देगी और 8 महीने में उनकी मृत्यु हो जाएगी। तुम्हारे अच्छे व्यवहार की वजह से तुम पर कोई शक भी नहीं करेगा। लिली अपने ससुराल चली गई और महात्मा के बोलने के अनुसार करने लगी। कुछ महीने बीत गए अब सांस भी अपनी बहू से बहुत प्यार करने लगी थी जहां वह बहू की बुराई करती थी वही वह बहू की लड़ाई करने लगी।

    यह सब देख कर ली ली बहुत खुश हुई और फिर महात्मा जी के पास गई और बोली मैं अपनी सांस को नहीं मारना चाहती वह मुझे बहुत प्यार करती हैं और मैं भी उन्हें बहुत प्यार करती हूं इसलिए आप इस जहर का कोई उपाय बताएं। तो महात्मा ने कहा मैंने तुम्हें कोई जहर नहीं दिया था। वह तो सिर्फ ऐसे ही जड़ी बूटियां थी। जहर तो तुम्हारे दिमाग में था।

    जो तुमने अपने सास को प्रेम दिया उससे तुम्हारे दिमाग का जहर खत्म हो गया। जाओ और खुशहाली के साथ अपनी सास और पति के साथ जीवन व्यतीत करो।


    21.समस्या का हल short hindi motivational stories


    एक राजा अपने बगीचे में घूमने गया तो उसने देखा के सारे पेड़ पौधे मुरझाए हुए हैं। यह देख कर आजा बहुत जगह हुआ उसने इसकी वजह जानने के लिए हर एक पेड़ के पास जाकर उनसे पूछने लगा। तो देवदार वृक्ष ने बोला कि वह इसलिए दुखी है क्योंकि वह अंगूर की तरह फल नहीं दे सकता है।

    और फिर अंगूर ने बोला अंगूर इसलिए दुखी है क्योंकि वह गुलाब की तरह खिल नहीं सकता है। इसी तरह सभी वृक्ष ने अपनी समस्या बताई पूरे बगीचे में सिर्फ एक ही वृक्ष था जो हरा भरा खिला और बहुत खुश दिखाई दे रहा था। 

    उसे देखकर राजा बहुत चकित हुआ और उसके पास जाकर पूछा कि भाई यहां पर तो सभी दुखी हैं पर तुम कैसे खुशी हो इस पर उस वृक्ष ने बोला सभी अपनी तुलना दूसरे से कर रहे हैं इसी चक्कर में उनके पास क्या है इस बात पर उनका ध्यान नहीं जा रहा है।

    इसी कारण सब दुखी हैं मैं जानता हूं कि मेरी विशेषता क्या है अगर यहां पर आपको अंगूर के पेड़ की जरूरत होती तो आप मुझे नहीं लगाते या किसी अन्य वृक्ष की जरूरत होती तो आप मुझे नहीं लगाते इसीलिए मैं सिर्फ अपनी विशेषताओं पर ध्यान देता हूं ना कि दूसरे की विशेषताओं पर ध्यान देता हूं।

    इसी लिए मैं खुश हूं और बाकी सब एक दूसरे से अपनी तुलना करके दुखी हैं। दोस्तों इसी तरह हम भी अपने जीवन में एक दूसरे से तुलना करके अपनी विशेषताओं को नहीं देख पाते और अपने आप को कमजोर और हीनता की भावना से देखते हैं।


    22. आत्मसम्मान hindi short motivational story


    एक भिखारी एक रेलवे स्टेशन पर कटोरा में कुछ पेंसिले लेकर बैठा था। तभी वहां एक व्यापारी आया और उसके कटोरे में कुछ पैसे डाल कर ट्रेन में बैठ गया। फिर थोड़ी देर बाद वह ट्रेन से बाहर आया और कटोरे से कुछ पेंसिल लेकर बोला इनकी कीमत है। मैं भी एक व्यापारी हूं और तुम भी एक व्यापारी हो यह कह कर वह पेंसिले लेकर ट्रेन से चला गया।

    कुछ दिन बाद एक पार्टी में वह व्यापारी गया वहीं पर पार्टी में वह भिखारी भी आया था जो कि अब बहुत बड़ा व्यापारी बन चुका था। भिखारी ने उस व्यापारी को देखा और बोला आप शायद मुझे नहीं पहचान रहे होंगे उसके याद दिलाने पर व्यापारी बोला हां मुझे याद आ रहा है तुम तो एक भी खरीद है और तुम आज यहां सूट-बूट में कैसे हो भिखारी बोला आपको शायद मालूम नहीं है कि आपने उस दिन हमारे लिए क्या किया।

    आपने मेरे साथ सम्मान के साथ पेश आया और साथ ही कहा कि तुम भी एक व्यापारी हो और मैं भी एक व्यापारी हूं। इसके बाद मैंने बहुत सोचा इसके बाद मुझे लगा कि मैं यहां क्या कर रहा हूं। तब मैंने झूले में पेंसिल उठाकर घर-घर बेचा और इसके बाद मैंने कॉपी किताब और अन्य प्रकार की पेंसिल भी बेची  और मैं आज यहां का सबसे थोक विक्रेता हूं।

    मैं आपको मेरा सम्मान लौटाने के लिए धन्यवाद करता हूं। दोस्तों लोग तुम्हारे बारे में क्या सोचते हैं यह मायने नहीं रखता बल्कि आप अपने बारे में क्या सोचते हैं यह बहुत मायने रखता है।


    23. सच या झूठ hindi short motivational story


    एक नाविक एक जहाज पर 3 साल से काम कर रहा था। एक दिन नाभिक नशे में धुत था। इस पर कैप्टन ने रजिस्टर में इसे लिखा कि नाविक आज रात नशे में धुत था। नाविक जानता था कि इस बात से उसकी नौकरी पर बहुत बुरा असर पड़ेगा। उसने कैप्टन से बोला कि आप इसे पूरा लिखें या फिर इसके आगे यह भी लिख दें कि यह 3 साल में पहली बार हुआ है।

    पर कैप्टन बोला यही सच है। कुछ समय बीता उसके बाद एक दिन नाभिक को रजिस्टर भरने का मौका मिला नाविक ने लिखा आज कैप्टन ने शराब नहीं पी कैप्टन बोला तुम इसे पूरा लिखो नहीं तो इससे यह जाहिर होता है कि मैं रोज शराब पीता हूं। इस पर नाभिक बोला यही सच है। 

    और मैं इसमें और कुछ नहीं लिखूंगा। यहां पर दोनों बातें सही है पर दोनों की बातों से जो अर्थ निकलता है वह गलत है। दोस्तों इसलिए हमें ऐसी बात नहीं करनी चाहिए जिससे सही होने पर भी गलत संदेश जाए।


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